LEGENDARY RAJPUT HISTORY - Veerta, Jauhar Aur Balidaan Ki Kahani | Rajveer Sir On TRS

The Ranveer Show हिंदी

This episode features a deep dive into the legendary history of Rajasthan and the Mewar dynasty, focusing on themes of valor, sacrifice, and

Key takeaways

  • Jaimal Rathore's resistance against Akbar's forces at Chittorgarh serves as a primary example of Rajput bravery.
  • Rana Kumbha is highlighted as a figure of a local Indian Renaissance, contributing significantly to architecture, music, and literature.

Main topics

  • Rajput History
  • The Siege of Chittorgarh

Notable quotes

जीवन का मतलब सांस लेना है क्या।

Conclusion

The episode offers a powerful perspective on how historical struggles

Transcript preview

Speaker 1 (0:21) जय भवाने प्रिप्टीन सिक्टी एट में अकबर ने चित्तोड़ पर हमला किया तो अकबर ने कहते है जैमल राठवड़ के पास मैसेज की है कि मेड़ता के तुम राजा हो मेड़ता तो मैं तुम्हें दे ही दूँगा तुम यदि मुझे चित्तोड़ दोगी मैं तुम्हें नगोर ओड Speaker 2 (1:00) ये यूद वाली हिस्ट्रिया पर मारवाडी जैन तब भी Speaker 1 (1:05) राजस्तान में ही था राजस्तान में राजाओं के सारे सेनापती जैन भी हमारे जैनों तो फुनों के नदियां बाई है साब Speaker 2 (1:19) मैं चाहूँगा कि आप जोहर की गलत फैमी Speaker 1 (1:22) उपद को असा क्लियर करें। जोहर पवित्र चीज थी वड़ी उस समय की। लोग उन महिलाओं के सवाल उठाते हैं। चली जाती तो क्या हो जाता। जीवन तो बाकी रहता। क्या जीवन का मतलब सांसी लेना है क्या। जीवन वह ह Speaker 1 (1:48) रहन चलू सूत भागियो गहवा लथपत थाई मायड हांचल बाड़िया धन चूड़ो चटकाई यो तो चलू गहवे लथपत हो रखा बेटे को लेका मर जाओंगा डर गया बेचारा यार भाग दे जैसे घर पहुंचा तो उसकी माने जब उसको देखा कि मेरा बेटा वापस Speaker 2 (2:26) एक और वाइरल राजिस्तान हिस्ट्री एपिसोड के लिए तैयार हो जाओ पिछली बार पृत्वीराज चोहान, महराना प्रताव जी की बाते करी थी हमने इस बार और भी गहराई से इसी हिस्ट्री में गुस्ट रहे हैं कल्चर से लेकर, मिलिटरी स्ट्राटेजी से लेकर, � Speaker 2 (2:55) एक चीज सीखते हैं कि सिर्फ स्ट्रेंथ काफी नहीं होती चाहे आप किंडम चला रहो या एक बिजनेस बिल्ड कर रहो आपको स्ट्रॉंग स्ट्रैटेजी, डिसिप्लिन और सिस्टिम्स की जरूरत भी होती है और इसका बार इस एपिसोड आपके पास ओडू के लिए ब्रा चाहे आप एक business build कर रहे हो, startup चला रहे हो, creator brand manage कर रहे हो, यहाँ अपने everyday operations handle कर रहे हो, Odo सब कुछ एक ही platform पर bring together करता है. CRM, accounting, invoicing, HR, website building, inventory, sales, project management, सब कुछ seamlessly connected है. तो यहाँ तो आप अलग apps, अलग चीजों के थूँ अपने खुद के business को manage कर सकतो. यहाँ आप Odoo के थ्रू एक ही जगह से सब कुछ देख और कंट्रोल कर सकते हो। पर एजांपल अगर आपके e-commerce store पर कोई customer purchase करता है तो invoice automatically create हो सकती है और उसी time inventory भी update हो जाती है। इसका मतलब है कि आपके पास real time view होता है कि आपके business में exactly क्या हो रहा है। और अगर आप अभी � तो आप Odoo के one app free offer से start कर सकतो जैसे जैसे आपका business grow करता है और operations और ज़्यादा complex होते हैं आप उनके complete suite of 45 plus applications पर move कर सकतो जो 580 rupees per month per user से start होता है big thanks to Odoo for powering this going to be legendary episode and now without further ado let's welcome राजवीर सर बैक ओन टी आर एस Speaker 2 (5:08) जै भवानी जै भवानी पूरे राजस्तान का स्वागत है पूरे भारत का स्वागत है पूरी दुनिया का स्वागत है पिछले वाइरल राजपूतों के एपिसोड के बाद जो चीज़े नहीं कवर हुई है उस एपिसोड में वो सारी चीज़े आज कवर होंगी राजगिर भा Speaker 1 (5:35) राजस्तान के बारे में जाना वास्ता में राजस्तान की स्ट्री भारत का इतिहास है अन्यकल भारत का बल्कि मानव इतिहास है कि किस परकार भारत के पस्चिम चैतर में बेठे वे वो लोग जिनको बाहर के लोग केवल ये लगता है कि मिट्टी के दोहरों में बेठे वे हैं � Speaker 1 (5:58) उन लोगों का इतियास लोगों ने जाना, लोगों ने इता स्वागत किया, तो इसे अच्छा क्या हो सकता है? Speaker 2 (6:04) जै भावानी. जै भावानी. ओके, शुरुआत करते हैं. पिछली बार प्लान कुछ अलग था, और कुछ अलग ही हो गया, बस बातचीत हो रही थी. मैंने जस्ट श Speaker 1 (6:28) आप Speaker 2 (6:29) बताइए कि इस सबजेक में दिल्चस्पी क्यों है वेदिक पीरियड में क्यों दिल्चस्पी है Speaker 1 (6:34) मेरी दिल्चस्पी इन दोनों में इसलिए है कि व्यद्धों में सबसे अधिक जिस नदी का जिक्र है वो सरस्वती है सरस्वती को नदी तमा कहा गया है Speaker 2 (6:42) जी वो Speaker 1 (6:44) हमारे राजस्थान से होके बहती थी Speaker 2 (6:45) तो Speaker 1 (6:46) मुझे कई बार लगता है कि सरस्वती नदी के तट पर बेट कर वो हमारे म Speaker 1 (7:17) पार्ट आज भी बहता है गगगर नदी के रूप में जिसके पास में आपने सुना तो Industrial Civilization की एक बड़ी सांदर साइट रही काली बंगा, तो काली बंगा साइट वही हुई, एवं काली बंगा के लिए ऐसा कहते हैं को Industrial Civilization की थर्ड कैपिटल है, यदि IVC की दो कैपिटल हडपा और महन जोदरो जो पाकिस्तान चली गई, तो उसकी Speaker 1 (8:14) पूरानी कहानिया उती है वो डिसकंटिन्यू हो जाती है मेडिवल की कहानिया, मेडिवल की हिस्ट्री वो एक तो कंटिन्यू है एक उनके बारे में सौर्स मिल रहे हैं, इसलिए हम इतनी बात करते हैं, यदि कभी हम सौर्स निकालेंगे, या उन कहानियों पर वापस बात करेंगे, तो पुराने राजस्तान के बारे में कितनी सारी बातें बता चलेगे, सौर्स कहां से मिलेगा, दिक्कत यही है, अब सौर् Speaker 1 (8:48) तो पता चला ना भारत कितना पुरन है अंग्रेजों के आने से पहले या अंग्रेज आ भी गए थे तो हम वेदी के राशे सुरू करते हैं 1500 बी सी के आसपास से सुरू करते हैं आईवी सी जब पता चली तो पता चला गए ना हम तो आईवी सी सुरू हो रही है 2600 बी सी के आस� कि हिस्टरी में कंटिनुइटी किस प्रकार से हिस्टरी इतनी डिसकंटिनुइट है नहीं जितनी अब हमें लगती है वो जब निकालेंगे जो चीजें और निकल के आएगी Speaker 2 (9:23) भाईया अगर आपको किसी ने हजार करोड रुपए का एक ट्रस्ट सौब देओ अब उस हजार करोड Speaker 1 (9:36) ऐसा आलांकि मैंने कभी सोचा तो नहीं पर आपने अब जब कहा ही है तो मुझे तो यही लगता है कि मैं एक तो उस पुराने वाली इस्टरी को ढूंढूंगा वापस कि हमारी लिनेज कहां तक जाती है पुरानी हमारा उन पुराने लोगों से क्या संपर्क था किस कॉंटेक् Speaker 1 (10:00) उससे पहले वाला नहीं मिल रहा है कारण कि एलेक्जन्डर के साथ में स्टोरियंस आये थे उन्होंने जो लिखा है वो बाद में पढ़ा हमने पढ़ा तो पढ़ा चला अच्छा अच्छा पंजाब के अंदर कोई एक मालव जाती हुई है पंजाब में कोई एक शुद्रक ना रास्तान में पूरा हमारे मालव जनपद एक मालव स्टेट बनाया उन्होंने टॉंक के आसपास, भीलवडा के आसपास में, अजमेर के आवासपास में, कुछ मेवाड के तरब गए हैं उन मालवों के हमें इंस्क्रिप्षन मिलने लगते हैं जो नान्दसा, मैंने पिछली ए� Speaker 1 (10:53) तो जो विक्रम केलेंडर है जिसके अनुसार हम सारे तेमहार मनाते हैं वो मालव केलेंडर के रूप में है और वो पहली बार उस नांसाय यूप के अंदर दिखाई दे रहा है तो वो पता चलेगी यार क्या लोग थे और वे ही मालव बाद में MP की तरफ शिफ्ट हुए इसलि� Speaker 1 (11:21) मालुओं ने एक यज्ञे करवाया है, हम पूजा के सामने बेटे हैं, एक सश्थी रात्र यज्ञे, एक सश्थ रात का यज्ञे, आज तो हम जानते ही नहीं कि एक सश्थ रात्री के भी यज्ञे होते हैं, नान सायू पबिलेक में वो कहते हैं कि सोम है, जो सोम कहता है कि मैंन Speaker 1 (11:47) तो बड़ी गजब जानकारियां तो Speaker 2 (11:49) कहां से आये थे शद्ध Speaker 1 (11:50) सक्मधे इसिया की तरफ से सेंटरल इसिया की तरफ से आये थे Speaker 2 (11:54) उस्बेकिस्तान वगैरा Speaker 1 (11:55) थोड़ा सा नीचे की तरफ से उस चत्र से वहां से आए थे अच्छा अब मेरे को रनवीर भाई यह भी बड़ा जोर्दार � Speaker 1 (12:17) पर चंद्रगुप्त मोरिया के टाइम ही तो नहीं था वेदीकेरा में इरान वाला जो था वो भी अपना इलाका था आर्यावर्ती बोलते थे तो वो हमारे ही थे आज जैसे माइग्रेशन होता है मैं राजस्तान से बॉम्बे आ गया आप बॉम्बे से राजस्तान चले जाएं तो जैसे आज migration हो रहा है वैसे उस समय भी migration थे ये पूरा आर्यावर्ती हुआ करता था लोग इदर से उदर जा रहे थे आज हमने boundary बना दी थे हम कहते हैं वो बाहर से आये थे आज भी यदि उस ancient history को देखने निकलेंगे तब पता चलेगा कि Central Asia में खुब सारी जो चीज़े हैं वो हमारी पुरानी वेदिक culture से न मिलती है क्यों मिलती है सब तरफ एक जैसी culture रही होगी तब ही तो मिलती है जैसे की जैसे इरान का एक ग्रंथ मिलता है मैं जैन्द अवेस् अभी तक हम यह कहते हैं कि आर्यन्स जो थे वो उदर से आये थे पर उदर से क्या है पूरा इलाका एक ही था सब तरफ वो भी यही लोग थे यही लोग थे एक जैसे पूजा कर रहे थे आपको आर्मेनिया में अगनी की पूजा दिखाई देती है इसका मतलब चीजें तो पहल Speaker 1 (13:32) तो बड़ी इंट्रेस्टिंग चीज है मैं उसके बारे में जानना चाहता हूँ Speaker 2 (13:35) जो हमने शूट से पहले बात करी हंगरी के बारे में वो भी जट से बता दीजिए Speaker 1 (13:39) अच्छा वो तो वैसे मैं खूबी वीडियो में बताया वाया है वो एक कोई हंगरी के एक प्रोफेसर आये थे इनके जो fore father थे वो उन attacks को लड़ रहे थे सामने confront कर रहे थे उनको तो उस समय कोई एक चवानों की एक तुकडी है जो अफगानिस्तान से आगे की तरफ निकल गई हंगरी की तरफ निकल गई वापस इन्ही आई और वो वहाँ जागे shift हो गए उनका यह कहना था कि वहाँ खू और उनका यह था कि हमारी कल्चर अभी भी राजस्तान जैसी कुछ है हम जो फोक सॉंग्स गाते हैं वो कुछ राजस्तान जैसे हैं आलांकि उनकी लेंग्वेज चेंज भी है हमारे वहाँ पे जब साधी करते हैं तो हम क्रिस्टियन हो गए लेकिन अभी भी अगनी की चरण त वो सारे के सारे गोड़े पर बेठे हुए हाथ में भाला लिये हुए हैं आप हमार राजस्तान के जिते फोक डाइटी देखेंगे वो सब गोगा जी महराज, तैजा जी महराज, पाबु जी महराज, राम देव जी महराज वो सब गोड़ों पर बेठे हुए हैं सबके आथों म तो वो है उनका प्रोफेसर का था मैंने कभी उस बारें पूरा और जानने कोशिश नहीं की हलांकि कोरोना में मैंने हंगरी के गीत खुब सुनने की कोशिश की तो मुझे लगा कि कुछ-कुछ उन गीतों की जो ट्यून जिसको अपने कहते हैं वह जो आते हैं कुछ वैसे हैं � Speaker 2 (15:45) ओके पर Speaker 1 (15:46) सब्द है जैसे मैंने एक बार कहीं पढ़ा था कि रोमानिया के अंदर जो जिपसी चले गए उधर तो अभी भी नाक, कान, केस ऐसे वड़ी बोलते हैं ऐसे कुछ सब्द भी मिल जाते हैं अपने यहां बेटे को बोलते तने बेटे को बोलते तनिया तो मुझे लगता है उधर जाकर नाम हो गया तान्या। Speaker 3 (16:07) कुछ Speaker 1 (16:08) तो वर्ड में सिमिलेटी रही होगी इसलिए। हमारे एक बड़े सीनियर रिटाइड आर्मी ओपिसर है। कर्नल पुरन सिंग्जी। उनका फ्रेंच और राजस्थानी के ऊपर रिसर्च है। Speaker 2 (16:32) हम राजस्तान के हिस्ट्री के शुरुवात करेंगे एक आखरी सवाल है ये introductory piece में मेरे बहुत सारे सिंदी दोस्त हैं और मैं खुद पंजावी हूँ तो अक्सर ऐसा लगता है कि हाँ हमारा culture थोड़ा similar है सिंदी पंजावीस का पर actually सिंदी culture तो मारवाडी culture से भी थोड़ा बह हमारे राजस्थानी Speaker 2 (17:00) सिंध के हिस्ट्री के बार में इतनी बातें नहीं होती, पर मेरे मताबएं सिंध के हिस्ट्री आप थोड़ी बहुत समझ सकते हो राजस्तान की हिस्ट्री समझ के, तो आप बताएं सर. Speaker 1 (17:07) नहीं, सिंध हमारे साथ बहुत जुड़ावा रहा, दोनों तरीके से, हम कल्चरल रूप स 712 AD के अंदर मुहम्मद बिन कासिम सिंध पे ही कभजा करता है जब वहाँ का राजा दाहीर जो होते हैं वहाँ पर लड़ते हैं मैं दो चीज जो मुझे बताने वाल लगती है हमारा राजस्तान में जब साधियां होती हैं तो जब बाराज जाती है तो महिलाएं एक गीत गाती Speaker 1 (17:53) सिंद में किसी समय में एक राजा हुआ था उस राजा का नाम था मरगित माईची नवाब हुआ था मरगित माईची उसका बानजा था उसका नाम था जलाल जलाल एक लड़की से प्रेम करता है उसका नाम है बुबना कोईंसिडेंस ऐसा बेड़ता है कि बुबना की साधी जलाल Speaker 1 (18:24) नवाब को पता चलता है नवाब मंत्रियों से सलाह मांगता है मंत्रियों उसको कहते हैं कि तुम इस जलाल को सिकार के लिए लेके जाओ हंटिंग के लिए वो सिकार के लिए जाते हैं पीछे से एक दिन महल में खबर दी जाती है कि सिकार करते हुए जलाल की डेथ हो गई बु� Speaker 1 (18:55) हमारे राजस्थान के लोगों ने उस सिंद की लव स्टोरी को एप्रिसीट किया और हमने कहा ये देखो सच्चा प्रेम था और हमने गीत गाए कि कोई प्रेम करे तो वैसे करे जैसे जलाल ने किया था उस जले पे गीत गाए सिंद की कहानी है हर सादी भी हमें उस जले को हम या Speaker 1 (19:19) पती होगा हम तुम्हारे डेरे डेरा मतलब जहां बारात रुकती उसको डेरा बोलते हैं हम उसको देखने के लिए आते हैं हम उस जल्ले को याद करते हैं तो हम कितना जुड़े वे थे उनसे राजस्तान वाले दूसरा सिंद में किसी समय में पुषकरना ब्रह्मन थे पुषक अर्बों ने कबजा कर लिया, मुस्लिम्स ने वहाँ पे कबजा कर लिया, भारत में सबसे पहले मुस्लिम्स में से जो कबजा करते हो अरब है, तो जब उन्होंने कबजा कर लिया, तो दोनों तीनों चीजें भी है, वहाँ कनवर्जन हुआ है, वहाँ मंदर डिमोलिस हुए है Speaker 1 (20:06) तो पुष्करणा ब्राह्मण उदर से राधिस्तान की तरफ आये तो सिंद के सबसे नज़िक जैसिलमेर पड़ता है तो वहाँ से जब वो लोग निकले तो बातों हतियार लेके निकले होंगे कि बाई जब चारों तरह पटेक हो रहे हो महिलाओं की आबरूपी खत्रा हो तो स Speaker 1 (20:36) तो आप इदर वाले हमारे जो उनके relative ब्रह्मन थे उन्होंने जैसलमे के राजा से ये पूछा कि बाई क्या इनको हम रख सकते हैं क्या ये मुहमद बिन काशिम का टेक के बाद की बात है और बहुत फिर लगातार टेक होने लगे एकज़ेक्टली उस 712 की ने उसके बाद के व Speaker 1 (20:54) प्रियाज पर राजावकार ने बुला रहा है कि वह ब्राह्मण है और यह सब हत्यार लेकर गुम रहे हैं। पहले तो वह शत्रिय वाला था भाई, हत्यार शत्रिय रखता है। तो यह यह तो नहीं होगी जासूस हो, दूसरे जगह से आये हो। राजा ने उन पुष्करणा ब तो ये जी तुम्हारे रिलेक्टिव हो तो तुम इन्हें साधियां करो अभी मेरी जे लाइन्स करो इनके साथ तो ठीक है साब कर लेते हैं तो वो जो सिंद से जो ब्रामन आये थे जो जसलम हिर वाले ब्रामन थे उन्होंने आमने सामने साधियां की इदर की बेटियां उनको � Speaker 1 (21:46) क्यों? Olympic में खूब सारे खेल होते है ना Speaker 2 (21:48) तो Speaker 1 (21:49) वो खूब सारी साधियां हो रही है Speaker 2 (21:50) वाह तो Speaker 1 (21:51) आप यदि हमारे कभी local Bikaner का अकबार पढ़ो तो उसमें लिखा आता है कि कल होगा Bikaner में Olympic आपको लगता है अरे यहाँ कैसे हो रहा है और वो दूसरे दिन साधी कर रहे हो तो Speaker 3 (21:59) मुझे Speaker 1 (22:00) द वहाँ से महिलाएं कैसे आई होगी, बच्चे कैसे आई होगे, कितना कुछ जेलना पड़ा होगा, ये तब की बात है जब अटेक हो रहे थे, 1947 तक आते आते अटेक तो बंद हो गए, अंग्रेजों के राज में सांति आ गई थी, कम से कम इस मामले में तो उदर से अटेक नहीं अचानक आपने एक दिन सिंद्ध के लोगों को ये कहा कि उठे उर जाएए यहां से वे भगवान वरुन की पूजा करने वाले लोग समुद्र के पास में भगवान वरुन की मूर्ती लगा के बैठे वे कराची में लोग कि समुद्र जब अपनी लहरे लेके आता है तो भगव अपनी बड़ी-बड़ी कोठियां, हवेलियां कड़ी की, नैकेवल खुद को प्रस्परेस किया, वल्कि बारत को प्रस्परेस किया, उस समय के बारत को, एक दिन आपने उनको कहा कि सब कुछ छोड़के जाओ, वो आये सब कुछ छोड़के, जहां तक मैंने पढ़ाया, मैंने या तो कोई बहनों ने इससे डर से कि कोई पकड़ गे रफ कर देगा कुओ में चलांग लगा दी होगी या खुद कटारी खा गई होगी या घरवालों को मारना पड़ गया होगा या बीच में रख लिया होगा लूट लिया होगा किसी ने सामान सब कुछ छोड़के एक बहुत बड़ा सेट वहाँ पर हवेली का मालिक बहुत बड़ा बिजनस लियावा केवल चपलों में एक थेला लेके आ गया सहरों में जग़े जग़े केंप लगाये गये हमारे जैपुर में अभी भी एक जग़े उसको बोलते हैं सिंधी केंप स उतनी उतनी प्रस्परेस है भारत में मैं उनको कभी इस परकार की बात करते भी नहीं देखता कि हमें reservation चाहिए मैं उनको कभी इस परकार की बात करते भी नहीं देखता कि हमें इतने tickets दो बीजेपी इतने ticket दो, कॉंग्रेस इतने ticket दो हम चुनाओं लड़ेंगे पुरा business minded, अ� वापस सेटल कर गए Speaker 2 (24:39) बहुत पॉजिटिव सोच होती है सिंदेश की जितने भी सिंदी आज तक मिले बहुत पॉजिटिव सोच था तो Speaker 1 (24:44) वाकई उनसे बहद सीखने वाली चीज़ें कल्चर बचा के बिठे हैं अपनी बासा के प्रती प्रेम देखो उनका अभी Speaker 2 (24:50) भी जब जै जूले Speaker 1 (24:58) मृक्षा ने सिंद्ध के लोगों को प्रेशान करना शुरू किया तो सिंद्ध के लोगों ने भगवान वरुण की तपस्या की भगवान वरुण खुश हुए भगवान वरुण ने कहा मांगिये क्या मांगो सब मृक्षा के तैचारों से मुक्ति दिलाओ भगवान वरुण सि Speaker 1 (25:23) छुट्टी होती है भारत में चेड़ी चंड़ी नवरात्रे होते हैं वो चैतर नवरात्रे शुरू होते हैं वो बसंत नवरात्रा जिनको हम कहते हैं वो न्यू येर होता है हिंडू न्यू येर होता है वो जुलिलाल जी का 40 दिन तक तपस्या के थी उन्होंने बगवान वरु तो अपनी कल्चर को बासा को वाकई मतलब इतना जेलने के बाद में हम विक्टिम मोड में आ जाते हैं हमारे साथ बुरावा हमारे साथ बुरावा अब सिंदी को ये करते भी नहीं सुनोगे Speaker 1 (26:01) उल्टा यूँ, इंजोई करता वा मिलेगा वा पूरे Speaker 2 (26:05) भारत को मिलकर सिंदेई कम्यूनिटी को थैंक्यू कहना चाहिए Speaker 1 (26:08) नहीं कहना चाहिए, मैं तो हमेशा खुद ये बोलता हूँ, मेरी क्लासेज में बोलता हूँ हमें उनसे सीखने क्या हो सकता है बहुत कुछ मैं मेरा उधा अरे यार इनकी वजह से हो गया ये नहीं होता तो मैं ऐसा कर लेता ये नहीं होता तो ऐसा कर लेता उनके साथ देखो क्या हुआ Speaker 3 (26:32) तो Speaker 1 (26:34) मैं तो उनकी उनकी जो माताएं बहने थी जिनोंने क्या जेला होगा रनूब एक व्यक्ति के पास हवेली एक दिन उसको आगे कैंप में रहना श्यामा परसाद मुखर जी जो थे जो भारती जनसंग के फाउंडर थे उन्होंने बाद में अंदोलन चलाया कि यहां के लोगों को रहने की ववस्ता की जाए इसलिए बाद मुखर जी नगरी बना बटना कैम्प है आज भी आप जी टी बी उतरोगे मेटरो स्टेशन से बाहर Speaker 2 (27:09) आप मानते हो कि राजिस्थान, सिंद और पंजाब भारत के त्रिशूल बन के रहे हैं भारतिया इतिहास के? Speaker 1 (27:16) ओबियसी बात है और तीनों कल्चर में है पैरलिल्स हाँ, मिलेगी, खोब-खोब सारी आमारे में वो सिमिलिटीज मिलेगी जब Speaker 2 (27:24) पंजाबीज, मारवाडीज, Speaker 1 (27:25) सिंदी मारवाडी सिंदी समझ लेगा, हम पंजाबीज भी समझ लेंगे तो हमारी लगबग लगबग लैंग्वेज के अंदर भी वो चीज़ी आएगी फिर ट्रेड के माध्यम से खुब जुड़े वे रहे हैं Speaker 2 (27:46) फिर Speaker 1 (27:47) मेरिज अलायंस हुए इदर से इदर मेरिज हुए, इदर से इदर ह Speaker 1 (28:07) बड़े फैमस हैं पाबूजी माराज रास्तान में ऐसा मानते हैं कि रास्तान में उंट वही लेके आये थे ऐसी कहावत है आज भी जब उंट बिमार हो जाता है तो पाबूजी की पूजा करते हैं तो उनका ससुराल था अमरकोट अमरकोट अब पाकिस्तान में आता है और ऐसा तो जो गोड़ी लेके गए थे, उनकी गाउं में एक महिला थी, देवल नाम की एक महिला थी, उनकी गोड़ी थी, तो उस महिला ने उनको कहा, बई तुम मेरी गोड़ी लेके जा रहे हो, पर मेरे पास खूब सरी गाएं हैं, पहले धन का मतलब गाएं होता था, इसलिए अभी तो कल को मेरी गायों की लूटपाट हो गई तो, भाई जी यदि धन गाय है तो लूटपाट भी किसकी होगी, गाय की होगी, तो उन्होंने कहाता है, मैं तुम्हें वचन देता हूँ, कि यदि तुम्हें गायों की लूटपाट हो जाती है, कोई लूटेरी लेके चले जाते है रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाई पर वचन ना जाई Speaker 3 (29:17) वो Speaker 1 (29:18) उस समय के यद्धा थे हमारे पूर्वज्जों का मैं इसलिए भी थेंक यू बोलता हूँ कि उन्होंने हमें इस चिखाया कि इनकी पूजा करनी है पीड़ी धर पीड़ी ये वो लोग है जिन्होंने ड्य� Speaker 2 (29:42) हम अक्सर ना पंजाब के डिविजिन के बारे में बहुत कुछ सुनते हैं मैं जानना चाहूँगा कि राजिस्तान में क्या बात होती है पार्टिशन के बारे में और हुआ क्या था तब पार्टिशन के दौरान Speaker 1 (29:52) वास्तव में है क्या कि 1947 में जब पार्टिशन हो रहा है तो बिर Speaker 1 (30:13) हमारे राजाओं ने एक काम बहुत अच्छा किया वो सेक्यूलर थे उन्होंने वहाँ यदि मुस्लिम पब्लिक भी थी तो उनको सेक्यूरिटी परदान की तो हमारे माइग्रेशन कम हुआ हमारे उदर से लोग नहीं गए उदर से लोग आये उदर से लोग आके राजस्तान ब पर हमारे उदर कम migration वाँ इते लोग नहीं गए कम लोग गए तो हमारे border area में अभी भी Muslims आबदी मिलेगी आपको Muslims मिलेगे और चुंकी उस समय अंग्रेजों का ये था कि बाई partition पंजाब का करना और बंगाल का करना है British India में वो दो बड़े परदेश आ रहे थे तो उन्होंने � Speaker 1 (31:08) बंगाल का तो लगबख पता था कि 1905 में जब लोर्ड करजन ने पाडिशन किया था बंगल का आलांकि 1911 में बाद में जोर्ज पंचम जब भारता आया था तो वापस मर्ज कर गया था इस्ट बंगाल और वेस्ट बंगाल को पर फिर भी मोटा मोटा पता था कि पाडिशन होग आपसे बात करें Speaker 2 (31:37) कि बहुत मज़ा आता है मतलब इतने goosebumps अलड़ी आ चुके हैं मैं कुछ-कुछ शहरों का नाम लूँगा और फिर एक सवाल है उदेपूर, जैपूर, जोतपूर, जैसलमेर क्योंकि मैं खाली मैं उदेपूर में था मैं एक होटेल के यहां गया जहां चारों के Speaker 1 (32:06) होटल इंडिस्ट्री में ज़्यादा फेमस हुए ही तुरिजम चंक्र की वजह से ये ज़्यादा हुए कि जैसल मेर फेमस हुआ हवेलियों के कारण डेजर्ट सैंड यून्स जैपूर चुंकी हमारी कैपिटल है वाकि बहुत सुन्दर बहुत सुन्दर सहर है तो वो होना ही थ पर बाकी भी आप बिकानेर देखेंगे राजस्तान का बहुत अच्छा आपको दिखेगा इवन आप अमारे इस्टरन राजस्तान में भी आएंगे रन्तम भोर Speaker 1 (32:46) ने केवल हिस्टरी की वज़े से मैं चाहूँगा आज तो अपने रनतम बोर की हिस्टरी की बीच में बात भी है तो आप करेंगे अपने टाइगर रिज़ो की वज़े से भी हुआ अपनी हिस्टरी की वज़े से भी हुआ तो है बाकी जगह भी सब यूनिकनेस है आप कोई जी Speaker 1 (33:08) आप नहीं यह कहा वरना जनरली लोग राजस्तान के बारे में यह मानते हैं कि वह पानी नहीं है यह तीन चार दिन में एक बार ना लेते होंगे पर आप राजस्तान देखे आप हमारा इस्टन राजस्तान देखे पूरा हरा बड़ा है Speaker 3 (33:25) आप Speaker 1 (33:25) उदेपूर देखे पूरा जिलों स Speaker 3 (33:29) और Speaker 1 (33:29) सैंड यून्स भी मैं कई बार कहता हूँ लोगों को कि सैंड यून्स जैसेलमेर में कम है हमारे सैंड यून्स हमारे बिकानेर में, चूरू में, हनुमानगिड में वो हमारे सैंड यून्स आप हमारे गंगानगर जाइए आपको लगेगा आप पूरे पंजाबी कल्चर के � Speaker 1 (33:58) मैं एक व्यक्ति को दन्यवादी देना चाहूँगा व्यक्तित का बहुत बड़े व्यक्ति आपके दोस्त लक्षे राज जी के जो फादर थे अर्विन सिंग्जी मेवाड उनोंने अमारी टूरिजम सक्टर को और विशेश कर उदेपूर के टूरिजम सक्टर को जो उन चाहिय उतना गुतना अच्छा जैपूर है उतना गुतना अच्छा जोधपूर है पर आपने भी अभी कहा कि मैं उदेपूर था अभी हम पहले बात कर रहे थे तो आपने कहा मैं उदेपूर जाओंगा तो अर्वेंशिंग जी मेवार जो हुए उन्होंने बड़ा अच्छा काम किया Speaker 1 (34:52) और वो फिर के पिछले कुछ सालों में जब से लोगों को ये लगने लगा ना वापस की, हेरिटेज की वेल्यू क्या है, Speaker 3 (34:58) अब Speaker 1 (34:59) जब लोगों लगता है, रेस्टिनेशन वेडिंग जो है आपकी, ये वाली जब से बात आई तब लोगों लगता है, ये है वो, जो पुरानी चीज Speaker 2 (35:14) उदय सिंग्जी का आशिर्वात भी है उदयपूर पे अब तक वो महसूस होता है बहुत जाता है वहाँ जाकर Speaker 1 (35:20) महरना Speaker 2 (35:21) परताप के बेटे का नाम जानते हो आप? Speaker 1 (35:22) अमर सिंग्जी अमर सिंग्जी Speaker 2 (35:24) जब Speaker 1 (35:25) बर्थ हुआ था तब उदयपूर बसाये गया Speaker 2 (35:28) ओके और उदय Speaker 1 (35:30) सिंग्जी चितो Speaker 1 (35:42) तो वो नागदा है, उदेपूर के पास में एक जग पड़ती है नागदा जहाँ एकलिंग जी का मंदिर है। यह भी देखो एक बड़ा इंट्रेस्टिंग है। हमारे राजस्थान के राजाओं ने कभी यह नहीं कहा कि हम यहाँ के राजा है। उन्होंने का राजा तो भग� Speaker 1 (36:11) भगवान के नाम पर करता है एवं वो अपने डोकॉमेंट्स में लिखते कि एकलिंग की दिवान की तरफ से ये जारी किया जाता है मेरी तरफ से नहीं भगवान की तरफ से मैं उनके एजे ट्रस्टी के रूप में या उनके एमप्लोई के रूप में ये जारी कर रहा हूँ इस तब वो कुछ दिन वहीं रुके, रुके तो उनको लगा कि यार एक नई राजदानी बसाई जानी चाहिए, कि पहाडों के बीच में हो, तो पहले उनका प्लान यह था कि आहड, अब उदेपूर के अंदर यह गाँ आने लग गया, पहले उदेपूर से बाहर पढ़ता था आह Speaker 1 (37:01) तो उनका था कि आहड