Halla Bol | Bonus Episode: Halla Bol, the Play

The Halla Bol Podcast

This episode features a dramatic reading of the play 'Halla Bol' by actors from the Janam theater group. The performance depicts the intense

Key takeaways

  • The play highlights the historical 1988 industrial strike in Delhi led by CITU.
  • Characters discuss the necessity of a minimum wage increase to at least 1050-1100 rupees.

Main topics

  • Labor Unionism (CITU)
  • Industrial Strikes in Delhi

Notable quotes

Jeena hai to ladna hoga.

Conclusion

The episode serves as a powerful artistic preservation of the emotiona

Transcript preview

Speaker 6 (0:15) हल्ला बोल भाई, हल्ला बोल भाई, हल्ला बोल भाई, हल्ला बोल Speaker 7 (0:35) हल्ला बोल सफतर हाश्मी की मौत और जिन्दगी Speaker 6 (0:40) हल्ला बोल भाई, हल्ला बोल भाई, हल्ला बोल जन Speaker 7 (0:55) नाटे मंच का नाटक हल्ला बोल Speaker 7 (0:59) बोल Speaker 1 (1:00) भला बोल Speaker 5 (1:24) अबे सुनी नहीं तुने मैं क्या कह रहा हूँ Speaker 1 (1:27) बोल Speaker 5 (1:29) कारी चुपोजा ऐसे नहीं मानेगा साला Speaker 5 (1:34) क्यों बे, क्या हो रहा है? डिरामा कर रहे हैं? डिरामा? जाले हमें चूतिया सहँचता है? नहीं तो? फिर? फिर क्या? Speaker 6 (1:43) फिर क्या? Speaker 5 (1:45) डिरामा ऐसे किया जाता है? नारे लगाके, लाल जंडे उठाके, हाथ में पोस्टर लेके? भागवा सलो यहाँ से, नहीं तो सबको हवालात मे Speaker 1 (2:03) जननाटिमंच के कलाकार हाँ जननाटिमंच और इंडरनेशन Speaker 5 (2:10) चाचा तो डिरामा कर रहे थे जी हाँ Speaker 6 (2:17) तो Speaker 5 (2:17) करो साभास पर जड़ा Speaker 1 (2:20) बढ़िया सा ठीक है तो आप जड़ा एक तरफ हो जाए हम अभी शुरू करते हैं चलो भाई इंकलाब जिन्दाबाद जिन्दाबाद जिन्दाब Speaker 5 (2:37) डेरामा कर डेरामा ये नारे वारे नहीं चलेंगे पर Speaker 1 (2:41) हमारे डेरामे में तो ऐसा ही होता है Speaker 5 (2:43) तुम्हारे डेरामे में होता होगा हमारे इलाके में नहीं होता साथ दिन वाली हरताल के टेम से ही सक्ती के आडर आ गए हैं इस सेचो साप का आडर है आडर कि जो साला सीटू का नाम � Speaker 1 (3:03) पर हमारे ड्रामे में तो नारे लगाने ही पड़ेंगे पर Speaker 8 (3:06) हमारे ड्रामे में तो नारे लगाने ही पड़ेंगे Speaker 5 (3:13) मेरे इलाके में नहीं होगा ये सब फिर? फिर क्या? Speaker 1 (3:17) फिर हम ड्रामा कैसे करें? अबे Speaker 5 (3:19) जैसे ड्रामा किया जाता है और कैसे? कोई प्यार मुहबत का, आशिक मासूका का खेल दिखाओ कुछ नाच गाना हो, हसी मजाक हो, कुछ ये हो, कुछ वो हो क्या समझे? समझ गया Speaker 1 (3:32) क्या? आ� हम आपको आशिक माशुक वाला ही नाटक दिखाएंगे तो साथियों हवलदार साहब नारो वाला इंकलावी नाटक तो करने की इजाज़त देते नहीं इसलिए हम आपको प्यार मुहबबत का नाटक दिखाते हैं Speaker 8 (3:57) आमेरे हम जोलिया खेले आखम जोलिया गलियों में चोबारों Speaker 3 (4:51) आप पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले पहले Speaker 2 (4:56) पहले Speaker 3 (5:05) देख हश्यों इतनी बड़ी हर्ताल हुई है तेरा लाख मजदूरों ने साथ दिन चक्का जाम रखा है देखती नहीं मालिक कितने घबरा गए है बस अब संघर्ष को और तेज करने की बात है तू देखियो अगले झटके में सरकार भी घुटने टेक देगी Speaker 2 (5:22) सच्ची मुच्च Speaker 5 (5:32) प्यार मौपत के नाटक में भी सीटू का परचार शुरू कर दिया? ये सब नहीं चलेगा. ओहो हवलदार Speaker 1 (5:37) साब, आप भी हद करते हैं. अब हमारा हीरो मजदूर है. साथ दिन तक सीटू के जंडे तले इतनी बहादुरी से लड़ा है, तो सीटू को नाम नहीं लेगा. और आप मतलब? Speaker 5 (5:57) मतलब ये कि मेरे इलाके के आसिक को आसिक की तरह रहना होगा इदर उदर की हां केगा तो साले को हवलात में डाल दूँगा ठीक है वल्टार साहब वो सीटू को नाम नहीं लेगा Speaker 1 (6:09) पर अपनी तनुखा की बात तो कर सकता है? Speaker 5 (6:12) अब ये आसिक है ये मुनीम जो अपनी मासु आज की करनी है तो ठीक से करे और जो नहीं होती तो मैं दिखा देता हूँ कैसे की जाती है ना ना ना आप तक लीफ ना करें वो Speaker 1 (6:27) कर लेगा कर लोगे ना भाई हाँ हाँ क्यों नहीं हम नाटक में फिर थोड़ा परिवर्तन कर रहे हैं ये तो हवलदार साब की महरवानी से सेंसर Speaker 1 (6:41) हाँ शो Speaker 3 (6:42) तु Speaker 2 (6:43) आज पिता जी से बात करेगा ना Speaker 3 (6:44) हाँ शो तुझे जबान दी है तो जरूर करूँगा Speaker 2 (6:48) देख घबराईयो नहीं जरा डख के बात करियो जैसे कामरेड नत्वू मनेजमेंट से करते हैं Speaker 5 (6:55) क्या छोरी ये कामरेड वामरेड कहां से आ गया Speaker 2 (6:57) गलती हो गई सारी देख घबरा Speaker 2 (7:04) बात करियो जैसे भगवान राम राजा जनक से बात करते थे तू Speaker 3 (7:09) फिकर मत कर मैं तेरे पिताजी को यो यो अपनी उंगली पर लपेट लूँगा बस तू देखती जा कि तेरा जोगी किस मिट्टी का बना है Speaker 2 (7:20) बाबा अरे Speaker 3 (7:23) कौन मर गया Speaker 5 (7:24) क्यों गला फ़ाड़ना Speaker 2 (7:28) कोई Speaker 5 (7:28) लेंदार Speaker 3 (7:36) होगा Speaker 3 (7:46) जोगी जोगी जोगी जोगी जोगी नाम है मेरा जी जोगिंदर माने नहीं माने जोगिंदर सिंह माने जोगी जोगिंदर तो यह गोबी चुकंदर गोबी चुकंदर लगा रखी है बोल किस काम से आया है नहीं माने यूँई बस ऐसे ही माने टाइम