Ep 61 - ⁠Fearless and Self-Made: Randeep Hooda's Legacy | Bharti TV

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In this episode, actor Randeep Hooda discusses his intense dedication to method acting, specifically focusing on the extreme physical transf

Key takeaways

  • Randeep Hooda utilized extreme weight loss and fasting to authentically portray the hunger experienced by Savarkar in prison.
  • He discusses his directorial debut and the collaborative effort with writer Utkarsh Naithani on screenplays.

Main topics

  • Method Acting & Weight Loss
  • Directing & Writing Experience

Notable quotes

People think not eating reduces life, I say not eating brings even more energy.

Conclusion

An inspiring look at the discipline required for high-level performanc

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Speaker 1 (0:00) मेरा कौन भारा भर रहा है, मेरा कौन घर चला रहा है, अपनी opinion अपने पास रखें, हमें जुरूरती नहीं है। Speaker 2 (0:06) शूटिंग नहीं है तो सर फिर घर में रहते हैं वहाँ? Speaker 1 (0:08) बोड़े बोड़े चलाता हूँ, वाइल लाइफ फोटोग्राफी करता हूँ, मैं जंगलों में बहुत ज्यादा है बताते कम आप Speaker 2 (0:30) बताओ शादी करने चाहिए Speaker 1 (0:32) आप रूप लोग लोस्ट ऑल मैं मनी एड़ एस ए फास्ट विमिन एंड लोग और सेज Speaker 3 (0:50) Hello and welcome to LOL Podcast और आज हमारे साथ है super talented और अब तो multi talented रंदी पूड़ा सर Welcome, thank you so much for coming. बहुत स्वागत है सर LOL Speaker 2 (1:00) Podcast में और आपको शायद पता नहीं होगा आप पता नहीं किस टाइम देख रहे होंगे ये YouTube है बट ये बहुत ज़्यादा सुबह है Speaker 1 (1:07) सच Speaker 2 (1:08) में और मैंने देखा कि जो सुलजी ह� Speaker 2 (1:18) एक आवाज पे ये लड़का उठा है हर्षूर्जा रंदीबुटा हाँ भाई उठा ऐसा हुआ था सो सर वैलकम आज बहुत सारी फिल्मों में आपको देखा था और एक फिल्म में देखके मैं रो भी पड़ी थी और वो थी सरवजीत पिक्चर सर जब आपको एक बॉक्स में � Speaker 2 (1:43) तो आप एक्टर तो माइन ब्लॉइंग हो Speaker 1 (1:45) ज्यादा तर लोग तो चुखे देखकर डर रहे थे Speaker 2 (1:47) नहीं नहीं मैं वो बॉक्स में चुखे और आप लिप्स सुखे हुए क्या मेकअब था वो बहुत बढ़िया था सर Speaker 1 (1:55) थेंक यू थेंक यू Speaker 2 (1:56) सबसे वे Speaker 3 (1:57) सर बच्चा ही सोके आया की नह Speaker 1 (2:11) लोग सोचते हैं खाना ना खाने से जान कम होती है, मैं कह रहा हूँ खाना ना खाने से एनर्जी और भी ज़्यादा आती है। ये तो बात सही है। मैं अकेला सेट पे था, जोगी मारा मारा फिरता था, और मैंने सेट पे नोटिस किया कि तीन चार गंटे तो लोग खाना ही खा Speaker 3 (2:33) बट Speaker 1 (2:34) सच में एनरजी ज्यादा लगती है न अगर आप फास्टिंग में होता Speaker 3 (2:37) है Speaker 1 (2:37) बहुत बहुत बहुत बहुत Speaker 3 (2:38) और आपने तो सर सावरकर के लिए तो आपने वजन कम किया था लेकिन जो सरवजीत के लिए आपने वजन कम किया था जी जी वह मतलब बहुत ही ज्यादा कम कर दिया Speaker 1 (2:48) थ थोड़े से सुड़ॉल बदन के थे सावरकर जी तो कैसे प्ले करे तो उसमें फ्रेम घटाने के लिए मुझे वजन बहुत कम करना पड़ा और जब वो काला पानी में थे तो वहाँ तो खाने पीने और हगने की मार थी तो वहाँ तो बहुत बुरा हाल होता है तो उसके हिसाब Speaker 3 (3:24) क्योंकि makeup और costume से कितना ही फर्क पड़ेगा आपको अंदर से भी तो feel करना पड़ेगा Speaker 1 (3:29) आदमी जो pastry खा गया है वो कैसे भूके की acting करेगा अच्छा Speaker 3 (3:35) आप यह मानते हैं ना कि अगर आपको acting करनी है या कोई character में गुसना है तो आपको वो इकदम बुनियादी तोर पर उसमें Speaker 1 (3:42) गु और करने में मज़ा आता है और किसली है एक्टर बनेगे? Speaker 2 (3:55) बीच में कोई ऐसी फिल्म थी सर जो आपको बीच में करके ऐसा लगा कि भाई ये तो रुश्कील हो रहा है? Speaker 1 (4:01) बहुत फिल्मों में ऐसा होता है क्योंकि मैं अपनी पुरानी पिच्चरें देखके अपने आपको पीट न और लोगों को पसंद आता है और आप जब उसको देखते थे तो आप तो ही देखते यार ऐसे कर लेता वैसे कर लेता पर वो खेर बाद के रंडी रो नहीं Speaker 2 (4:29) यह ता है कितनी देर बाद सुना मैंने नहीं मेरे स्थर Speaker 3 (4:34) आप एक्टिंग सीखे है या आपको कहीं से यार मेरे Speaker 1 (4:40) मैं पहल पिछे करने के बाद हम वेनिस में थे तो वहाँ पे हमारी पिछे आवाड़ उड़ जीती थी तो हम लोग बैठ के दारुबार उपी रहे थे नाच काना कर रहे थे तो मैं आके कोने में बैठा थक के तो एक अमेरिकन प्रोडूसर बैठा था तो वो मुझे बोलता है कि यू आ Speaker 1 (5:09) मैं मिर्को लगा यार इतनी नहीं आती आज कोई मिर्को बोले तो बहुत खुश होगा उस वक्त मैं बहुत बहुत किसी को बताया नहीं मैंने शरम के मारे तो Speaker 2 (5:18) फिर Speaker 1 (5:18) कि मैं क्यों बताओ तरीफ Speaker 2 (5:23) कोई बताता है यह वाली बात नहीं क्या कह रहा था नहीं तो Speaker 1 (5:26) फिर मैंने नसीर भाई कितना कितनी करनी है वहां पर जो अध्यान हुआ फिर वो लास्ट करी रहा है हाला कि थिएटर में एक रेपेटिटिव एक रेपेटिशन हो जाता है परफॉर्मेंस आफ्टर परफॉर्मेंस और मूवी में आप वो महसूस करके निकल जाते हो तो बस उतना ही है और जितना आप आपकी जो थॉट होती है और आपकी जो application होती है उसके अंदर अंतर कम होता जाता है और वही एक वहाँ फिर मज़ा आने लगता Speaker 2 (6:14) है आपका ये सावरकर का क्रू कैसा था मतलब आपसे डरे रहते थे अरे बिकुल बैटो कह रहा हूँ अगर इस पिच्चा के Speaker 1 (6:20) किसी को शावाशी द बुखा, मरता, आदमी तडबता हुआ, सारे टाइम इतना irritation होती थी और इतना मतलब short temper हो जाता है आदमी कि दो बार बोला, तीन बार, तीसरी बार ही बोलने की हिम्मत ही नहीं थी तो आदमी खुद जाके कर लेता था तो उसमें मज़ा आया, मज़ा भी आया और एक energy थी उसके चल रही है तो अहिंसावादी पिछर अगर वैसी थी तो हिंसा वालों की पिछर मैंने थोड़ा ऐसी गैंक्स्टर टाइप पिछर बनाई है वाव कैमरा वैमरा ये वो लगाकर और मैंने यंग लोगों के लिए बनाई है यार उजर्गों को तो पता ही है सावर कर कौन जैस ये Speaker 1 (7:16) वेंट आउट देर थिंग रैप यूज़ करते तो मुझे एक बहुत अच्छा आर्टिस्ट मिला संबाटा Speaker 3 (7:22) संबाटा आवाल Speaker 1 (7:23) संबाटा तो मैंने उसका पिन्नक सुना तो मैंने बहुत सारे रैप वालों को सुना बॉलीवूड वालों को हॉलीवूड वालों को सबको सुना Speaker 3 (7:31) यह Speaker 1 (7:32) क खुद लिखा और खुद उसने गाया कंपोज किया उसे मेरा कोई हाथ नहीं और उसने बहुत ही मेरे को लगा एसेंस कैप्चर कर ली तो जब भी थोड़ी एनर्जी लोग होती थी तो मैं वो लगा लेता था Speaker 3 (7:54) उसके रैप्स बहुत अच्छे है बहुत लोगों को अगर नहीं प इसमें डिरेक्शन भी किया, राइटिंग भी किया और अपने आप में ये दोनों काम बहुत हैवी है प्लस एक्टिंग ये उससे भी हैवी है आपने इससे पहले कभी डिरेक्शन या राइटिंग की थी? मैंने डी Speaker 1 (8:23) जो मेरी पहली पिछर थी उसमें डिरेक्शन आया नहीं था � Speaker 1 (8:37) तो मैंने जाकर एक दो दिन की direction की थी और वो film पिछल की opening opening वो scooter में आपका entry वो entry वो बहुत ही ना वो मेरी direction नहीं थी और उसमें मैंने कुछ scenes और montages direct किये थे और फिर मैंने पहले दो screen play लिखे थे जो जिनकी ऊपर लिखे थे फिर वो ही लोग rights rights देने में कुछ आना का नहीं कुछ खास एक डिफाइंड स्क्रिप्ट नहीं थी तो मेरे को राइटर है उत्कर्ष नैथनी जो कि मिथोलॉजिकल लिखते हैं टीवी के लिए अच्छा तो वह और मैंने मिलकर यह एक्चुली में तीन रात में बारा-बारा घंटे लगाकर हमने यह पूरा स्क्रीन Speaker 2 (9:07) क Speaker 3 (9:22) प्लेट � Speaker 1 (9:33) वह मतलब बहुत कुछ है वह आप Speaker 3 (9:35) भी और सुपर टैलेंटेड आदमी Speaker 1 (9:37) बहुत Speaker 2 (9:39) कुछ होना चाहिए इस अर कि नहीं Speaker 1 (9:40) क्या बहुत कुछ होना चाहिए Speaker 2 (9:41) जैसे कि मैं स्विमिंग भी कर लेती है शूटिंग भी और मैं अच्छा खाला भी बनाती हूं और यह कुर्ता भी मैंने इसी है अ Speaker 2 (9:57) बट मैं भी सर मैंने शादी की बच्चा किया मैं खाना बना लेती हूँ अरे वाप मतलब ये नूडल पास्ता छोड़के आप मुझे कहोगे न भर्ता बना या राजमा चावल या कड़ी चावल मेरे को बहुत अच्छे Speaker 1 (10:06) लगते है बर्ता भी राजमा चावल भी कड़ी चावल � Speaker 1 (10:26) चॉकलेट बहुत खाता हूं और गर्मिया है तो बियर भी बहुत पी लेते हैं तो यह अच्छी चीज है Speaker 2 (10:32) तो Speaker 1 (10:33) सब सारी चीजों में थोड़ा सा क्या ना लाइफ एक्सेस में जीने की आदत पड़ गई है पर अब शादी हुई तो थोड़ा बैलेंस कर रहे हैं पुशिश कर Speaker 2 (10:42) रहे Speaker 1 (10:51) हां हां Speaker 2 (10:52) हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां Speaker 1 (10:56) हां हां हां हां Speaker 2 (10:56) हां हां हां हां हां हां हां हां Speaker 1 (10:59) हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां Speaker 2 (11:02) हां हां Speaker 3 (11:02) हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां हां Speaker 2 (11:04) हां Speaker 3 (11:04) हां हां Speaker 2 (11:04) हां हां Speaker 3 (11:05) हां हां Speaker 2 (11:05) हां Speaker 3 (11:05) हां Speaker 2 (11:05) हां हां हां हां हां हां Speaker 1 (11:14) हा जो असली मा के जन्ने होते हैं Speaker 3 (11:22) अपनी Speaker 1 (11:23) कर्तूतें छुपाते ज्यादा है लव Speaker 2 (11:27) मेरे जैसे Speaker 1 (11:28) लव मेरे जैसे Speaker 2 (11:30) लव मेरे जैसे लव मेरे जैसे लव मेरे जैसे लव मेरे जैसे लव मेरे जैसे लव मेरे जैसे लव मेरे जैसे लव मेरे Speaker 1 (11:33) जैसे लव मेरे जैसे लव मेरे जैसे लव मेरे जैसे लव Speaker 2 (11:41) मेरे Speaker 3 (11:44) जैसे लव Speaker 1 (11:51) मेरे Speaker 1 (12:00) अपने रोलों में दिखो सिर्फ तो आपके अंदर एक इंट्रीक बनी रहती है वह बना रहता है पर आजकर सोशल मीडिया के सामने में रोलों में Speaker 2 (12:08) चेंज Speaker 1 (12:10) करने पड़ेगी क्योंकि यह बिलीव नहीं था मुझे हमेशा ये लगता था कि अपने काम से ही लोगों को मुतमहीन करके मैं आगे निकल जाओंगा but there is another part of the business where you know you have to do all this dress up, get photograph, go everywhere मैंने तो कई साल अपनी acting career में still photographs अपनी खिचाई नहीं कभी अच्छा? आ मुझे